Gulzar Shayari in Hindi

Gulzar Shayari in Hindi | gulzar shayari on smile | गुलजार शायरी

Gulzar Shayari in Hindi – गुलज़ार साहब के लिखें हुए दिल को छू जाने वाले गाने नज़्मे शायरिया ग़ज़लें रोमांटिक कोट्स आज भी हर किसी के होठों पर हमेशा रहते हैं, वही गुलज़ार साहब आज भी अपने शब्दों के जादू से सब के दिलो पर राज कर रहे हैं। गुलज़ार जी का वास्तविक नाम जो की ‘सम्पूर्ण सिंह कारला’ है बहुत ही कम लोग जानते होंगे |

गुलज़ार जी हिंदी फिल्मों के प्रसिद्ध गीतकार रह चुके हैं आपको यह पोस्ट जरूर पसंद आएगी अगर आप लोगों को यह पोस्ट पसंद आए तो अपने दोस्तों के साथ शेयर करना बिल्कुल भी ना भूलना






Gulzar Shayari in Hindi

शोर कि तो उम्र होती हैं,
खामोशी तो सदाबहार होती हैं,

Sor Ki To Uamr Hoti Hai,
Khamosi To Sdabahar Hoti Hai,


❤Gulzar Shayari on zindagi💚


तनहाई कि दीवारों पर घुटन का परदा झूल रहा हैं,
बेबसी कि छत के नीचे कोई किसी को भूला रहा हैं,

Tanhaei Ki Diwaro Par Ghutan Ka,
Parda Jhul Rha Hai,
Bebsi Ki Chat Ke Niche Koei Kisi,
Ko Bhula Rha Hai,


❤•••• Gulzar Shayari in Hindi ••••❤


गम मैत का नहीं है,
गम ये है कि आखरी वक़्त भी,
तू मेरे घर नहीं हैं,

Gam Muit Ka Nhi Hai,
Gam Ye Hai Ki Aakhri Wakt Bhi,
Tu Mere Ghar Nhi Hai,


 


तेरी यादो के जो आखरी थे निशान,
दिल तड़पता रहा हम मिटाते रहे,
खत लिखे थे जो तूमने कभी प्यार में,
उसको पढ़ते रहे और जलाते रहे,

Tere Yado Ke Jo Aakhri The Nisan,
Dil Tarpta Rha Ham Mitate Rhe,
Khat Likhe The Jo Tumne Kabhi Payar Me,
Uasko Pathte Rhe Our Jlate Rhe,


Gulzar Shayari, Sad


बेहिसाब हसरते ना पालिये,
जो मिला है उसे सम्भालिये,

Behisab Hasrte Na Paliye,
Jo Mila Hai Use Sambhaliye,


❤•••• Gulzar Shayari in Hindi ••••❤


कैसे करे हम खुद को तेरे प्यार के किबिल,
जब हम बदलते है तुम शंत रख देते हो,

Kaise Kre Ham Khud Ko Tere Payar Ke Kabil,
Jab Ham Badlte Hau Tum Sart Rakh Tere Ho,


 


तकलीफ खुद कि कम हो गई,
जब अपनो से उम्मीद कम हो गई,

Taklif Khud Ki Kam Ho Gyi,
Jab Apno Se Uammid Kam Ho Gyi,


 


दर्द हल्का हैं सांस भारी है,
जिये जाने का रस्म जारी है,

Dard Halka Hai Sas Bhari Hai,
Jiye Jane Ka Rasm Jari Hai,


 


घर में अपनो से उतना ही रुठो,
आपकी बात और दुसरो का इज्जत,
दोनों बरकरार रह सके,

Ghar Me Apkno Se Uatna Hi Rutho,
Aapki Bat Our Dusro Ka Eajajat,
Dono Barkrar Rhe,


Gulzar Shayari on Dosti


एक सपने के टुटकर चखना चुर हो जाने के बाद,
दूसरा सपना देखने के हौसले का नाम ज़िन्दगी हैं,

Ek Sapne Ke Tutkar Chakhna Chur Ho Jane Ke Bad,
Dusra Sapna Dekhne Ke Huisle Ka Nam Jiandgo Hai,


❤•••• Gulzar Shayari in Hindi ••••❤


ज्यादा कुछ नहीं बदलता उम्र के साथ,
बस बचपन की जिद्द समझैतो में बदल जाती हैं,

Jayada Kuch Nhi Badlta Uamr Ke Sath,
Bas Bachpan Ki jidad Samjhto Me Badal Jati Hai,


 


Gulzar Shayari in Hindi

हाथ छुटे भी तो रिश्ते नहीं छोड़ा करते,
वक्त कि शाख से लम्हे नहीं तोड़ा करते,

Hath Chute Bhi To Riste Nhi Chpra Karte,
Wakat Ki Sakh Se Lamhe Nhi Tora Karte,


 


सामने आया मेरे देखा भी बात भी कि,
मुस्कुराए भी किसी पहचान के ख़ातिर,
कल भी अखबार था देख लिया रख भी दिया,

Samne Aaya Mere Dekha Bhi Bat Bhi Ki,
Muskuraye Bhi Kisi Pahchan Ke Khatir,
Kal Bhi Akhbar Tha Dekh Liya Rakh Bhi Diya,


 


वक़्त रहता नहीं कही टिक कर,
आदत इसकी भी आदमी सी हैं,

Wakat Rahra Nhi Kahi Tik kar,
Aadat Easki Bhi Aadmi Si Hai,


Gulzar Shayari on smile


आईना देख कर तसल्ली हुई,
हमको इस घर में जानता हैं कोई,

Aaeina Dekhkar Taslli Huyi,
Hamko Eas Ghar Me Janta Hai Koei,


❤•••• Gulzar Shayari in Hindi ••••❤


एक बार तो यू होगा थोड़ा सा सुकून होगा,
ना दिल में कसमक होगी ना सर में जुनून होगा,

Ek Bar To Yu Hoga Thora Sa Sukun Hoga,
Na Dil Me Kasmkas Hogi Na Sar Me Junun Hoga,


 


समेट लो इन नाजुक पलो को,
ना जाने ये लम्हा हो ना हो,
हो भी ये लम्हे क्या मालूम शामिल उन,
पलो में हम ना हो,

Samet Lo Ean Najuk Pali Ko,
Na Jane Ye Lamha Ho Na Ho,
Ho Bhi Ye Lamha Kya Malum Samil Uan,
Palo Me Ham Na Ho,


 


कुछ जख्मो कि उम्र नहीं होती हैं,
वो उम्र तक साथ चलते हैं जिस्मो के खाख होने तक,

Kuch Jakhmo Ki Uamr Nho Hoti,
Wo Uamr Tak Sath Chalte Hai Jismo Ke Sakh Hone Tak,


 


हम तो समझे थे कि हम भूल गये हैं उनको,
क्या हुआ आज किस बात पे मुझे रोना आया,

Ham To Samjhe The Ham Bhul Gye Hai Uanko
Kya Huaa Aaj Kis Bat Pe Mujhe Rona Aaya,


Gulzar Shayari On Life In Hindi


शायर बनना बहुत आसान है,
बस एक अधुरी मोहब्बत की मुकम्मल डिग्री चाहिये,

Sayar Banna Bahut Aasan Hai,
Bas Ek Adhiri Mohbbat Ki Mukmmal Digri Chahiye,


❤•••• Gulzar Shayari in Hindi ••••❤


मिलता तो बहुत कुछ है इस ज़िन्दगी में,
बस हम गिनती उसी को करते हैं,
जो हासिल ना हो सका,

Milta To Bahut Kuch Hai Eas Jiandgi Me,
Bas Ham Ginti Usi Ko Karte Hai,
Jo Hasil Na Ho Saka,


 


वो चीज़ जिसे दिल कहते हैं,
हम भूल गये हैं रख के कही,

Wo Chij Jise Dil Kahte Hai,
Ham Bhul Gye Hai Rakh Kar Kahi,


 

 


Gulzar Shayari in Hindi

मैं दिया हूँ मेरी दुश्मनी सिर्फ अधेरो से है,
हवा तो बेवजह मेरे खिलाफ हैं,

My Diya Hu Meri Dusmni Shirf Adheri Se Hai,
Hwa To Bewajah Mere Khilafh Hai,


 


टूट जाना चाहता हूँ बिखर जाना चाहता हूँ,
मैं फिर से निखर जाना चाहता हूँ, माना हैं मुश्किल,
लेकिन मैं गुलजार होना चाहता हूँ,

Tut Jana Chahta Hu Bikhar Bana Chahta Hu,
My Fhir Se Nikhar Jana Chahta Hu Mana Hai,
Miskil Lekin My Guljar Hona Chahta Hu,


Gulzar Shayari in Hindi Lover


उन्हें ये जिद थी कि हम बुलाये,
हमे ये उम्मीद थी कि वो पुकारे,
हैं नाम होंठों पे अब भी लेकिन,
आवाज में पड़ गई दरारे,

Uanhe Ye Jid Thi Ki Ham Bhulaye,
Hme Ye Uammid Thi Ki Wo Pukare,
Hai Nam Hotho Pe Ab Bhi Lekin,
Aawaj Me Pra Gei Drare,


❤•••• Gulzar Shayari in Hindi ••••❤


सुना हैं काफी पढ़ लिख गए हो तुम,
कभी वो भी तो पढ़ो जो हम कह नहीं पाते,

Suna Hai Kafhi Pad Likh Gye Ho Tum,
Kabhi Wo Bhi To Pado Jo Ham Kah Nhi Pate,


 


मैत को तो कोन कभी देखा है,
पर यकीनन बहुत खूबसूरत होगी,
जिससे भी मिलता हैं वो जिना छोड़ देता है,

Maut Ko To Kon Kabhi Dekha Hai,
Par Ykinan Bahut Khubsurat Hogi,
Jisse Bhi Milta Hai Wo Jina Chor Deta Hai,


 


तेरे जाने से तो कुछ बदला नहीं,
रात भी आई और चाँद भी था मगर नींद नहीं,

Tere Jane Se To Kuch Badla Nhi,
Rat Bhi Aaei Our Chand Bhi Tha Magar Nind Nhi,


 


कभी तो चौक के देखे कोई हमारी तरफ,
किसी कि आँखो में हमको भी कोई इंतजार देखे,

Kabhi To Chyik Ke Dekhe Koei Hamari Tarag,
Kisi Ke Aakho Me Hamko Bhi Koei Eantjar Dekhe,


Gulzar Shayari on zindagi


दिल अगर हैं तो दर्द भी होगा,
इसका शायद कोई हल भी होगा,

Dil Agar Hai To Dard Bhi Hoga,
Easka Sayad Koei Hal Bhi Hoga,


❤•••• Gulzar Shayari in Hindi ••••❤


बहुत मुश्किल से कहता हूँ,
तेरी यादो का कारोबार में मुनाफ़ा कम है,
पर गुजारा हो ही जाती हैं,

Bahut Muskil Se Kahta Hu,
Teri Yado Ka Krobar Me Munafha Kam Hai,
Par Gujara Ho Hi Jati Hai,


 


कोई पुछ रहा हैं मुझसे मेरी ज़िन्दगी कि किमत,
मुझे याद आ रहा है तेरे हल्के से मुस्कराना,

Koei Puch Rha Hai Mujhse Meri Jiandgi Ki Kimat,
Mujhe Yad Aa Rha Hai Tere Halke Se Muskurana,


 


पलक से पानी गिरा हैं तो उसको गिरने दो,
कोई पुरानी तमन्ना पिघल रही होगी,

Palak Se Pani Gira Hai To Uasko Girne Do,
Koei Puranoi Tamnna Pighl Rhi Hogi,


 


Gulzar Shayari in Hindi

ऐ हवा उनको दे दो खबर उनको मेरी मैत कि,
और कहना कि कफन कि ख़्वाहिश में मेरी लाश,
उनके आचँल का इंतजार करती हैं,

Ye Hwa Uanko De Do Khabar Meri Muait Ki,
Our Kahna Ki Kafhan Ki Khuwahis Me Meri,
Las Uanke Aachal Ka Eantjar Karti Hai,


💜Gulzar Shayari, Sad❤


बहुत अंदर तक जला देती हैं,
वो शिकायतें जो बया नहीं होती,

Bahut Andar Tak Jla Deti Hai,
Wo Sikayte Jo Bya Nhi Hoti,


❤•••• Gulzar Shayari in Hindi ••••❤


ना दुर रहने से रिश्ते टुट जाते हैं,
ना पास रहने से जुर जाते हैं,
यह तो ऐहसास के पक्के धागे है,
जो याद करने से और मजबूत हो जाते,

Na Dur Rahne Se Riste Tut Jate Hai,
Na Pas Rahne Se Jur Jate Hai,
Yah To Yehsas Ke Pakke Dhage Hai,
Jo Yad Karne Se Our Majbut Ho Jate Hai,


 


मैने दबी आवाज में पूछा मोहब्बत करने लगी हो,
नजरें झुका के वो बोली बहुत,

Maine Dbi Aawaj Se Pucha Mohbbat,
Karne Lagi Ho,
Najre Jhuka Ke Wo Boli Bahut,


 


रोई हैं किसी छत पे अकेले में घुटघुट के
उतरी जो लबों पर वो भी नमकिन थी बारिश,

Roei Hai Kisi Chat Pe Akele Me Ghut Ghut Ke,
Uatri Jo Labo Par Wo Bhi Namkin Thi Baris,


 


हम तो अब याद भी नहीं करते,
आपको हिचकी लग गई कैसे,

Ham To Ab Yad Bhi Nhi Karte,
Aapko Hichki Lag Gyi Kaise,


✔️Gulzar Shayari on Dosti💚


कभी जिंदगी एक पल में गुज़र जाती हैं,
और कभी ज़िन्दगी का एक पल भी गुजर जाता हैं,

Kabhi Jiandgi Ek Pal Me Gujar Jati Hai,
Our Kabhi Jiandgi Ka Ek Pal Bhi,
Gujar Jata Hai,


❤•••• Gulzar Shayari in Hindi ••••❤


कोई खामोश जख्म लगती हैं,
ज़िन्दगी एक नज्म लगती हैं,

Koei Khamos Jakham Lagti Hai,
Jiandgi Ek Najam Lagti Lagti Hai,


 


जिसकी आँखों में कटी थी सादियाँ,
उस ने सदियों कि जुदाई दि हैं,

Uasku Aakho Me Kti Thi Sadiya,
Uas Ne Sadiyo Ki Judaei Di Hai,


 


खुशबू जैसे लोग मिलें अफ़्सानो में,
एक पुराना खत खोला अनजाने में,

Khusbu Jaise Log Mile Afhsano Me,
Ek Purana Khat Khola Anjane Me,


 


सीने में धड़कता जो हिस्सा हैं,
उसी का तो सारा किस्सा हैं,

Sine Me Dhrakta Jo Hussa Hai,
Usi Ka To Sara Kissa Hai,


Gulzar Shayari on smile


Gulzar Shayari in Hindi

एक ही ख्वाब ने सारी रात जगाया हैं,
मैने हर करवट सोने कि कोशिश कि,

Ek Hi Khuwab Ne Sari Rat Jgaya Hai,
Maine Har Karwat Sone Ki Kosis Ki,


❤•••• Gulzar Shayari in Hindi ••••❤


मेरे दर्द को भी आह का हक हैं,
जैसे मेरे हुस्न को,

Mere Dard Ko Bhi Aah Ka Hak Hai,
Jaise Mere Husan Ko,


 


सुनो जब कभी देख लू तुमको,
तो मुझे महसूस होता हैं कि दुनियां खूबसूरत हैं,

Suno Jab Kabhi Dekh Lu Tumko To Mujhe,
Mahsus Hota Hai Ki Duniya Khubsurat Hai,


 


अफसोस होता हैं उस पल का,
जब अपनी पसंद कोई और चुरा लेता हैं,
ख्वाब हम देखते रहते हैं,
और हकीकत कोई और बना लेता हैं,

Afhsos Hota Hai Us Pal Ka,
Jab Apni Pasand Koei Our Chura Leta Hai,
Khawab Ham Dekhte Hai,
Our Hakikt Koei Our Bna Leta Hai,


 


कभी टूट कर बिखरो तो मेरे पास आ जाना,
मुझे अपने जैसा लोग बहुत पसंद है,

Kabhi Tut Kar Bokhro To Mere Pas Aa Jana,
Mujhe Apne Jaisa Log Bahut Pasand Hai,


💟Gulzar Shayari in Hindi 2 lines💟


एक दिन वक्त भी साथ बैठकर रोया मेरे,
कहने लगा तू तो ठीक है बस मै ही खराब हूँ,

Ek Din Wakt Bhi Sath Baithkar Roya Mere,
Kahne Lag Tu To Thik Hai Bas My Hi Kharab Hu,


❤•••• Gulzar Shayari in Hindi ••••❤


जो नसीब में नहीं होता वो रोने से भी नहीं मिलता,
कभी कभी दिल चाहता हैं, कि दिल अब कुछ भी ना चाहे,

Jo Nasib Me Nhi Hota Wo Rone Se Bhi Nhi Milta,
Kabhi Kabhi Dil Chahta Hai Ki Dil Ab Kuch Bhi Na Chahe,


 


लिखु क्या आज वक्त का तकाजा है,
दर्द ए दिल अभी ताजा हैं,

Likhu Kya Aaj Wakt Ka Ka Tkaja Hai,
Dard Y Dil Abhi Taja Hai,


 


किस्मत के तराज़ू में तो फकिर हैं,
हम और दर्द दे दिल में हम सा कोई नहीं,

Kismat Ke Traju Me To Fhakir Hai,
Ham Our Dard De Dil Me Ham Sa Koei Nhi,


 


कितना और दर्द देगा बस इतना बता दे,
ऐसा कर ये खुदा मेरी हस्ती मिटा दे,
यु घुट घुट के जिने से तो मौत बेहतर है,
मैं कभी ना जागू मुझे ऐसी नींद सुला दो,

Kitna Our Dard Dega Bas Eatna Bta De,
Yesa Kar Ye Khuda .eri Hasti Mita De,
Yu Ghut Ghut Ke Jine Se To Muit Ehtar Hai,
My Kabhi Na Jagu Mujhe Yesi Nind Sula Do,


🤠Gulzar Shayari On Life In Hindi😎


दिल पर जख्म कुछ ऐसे मिले,
फूलों पर भी सोया ना गया,
दिल तो जल कर राख हो गया,
और आँखो से रोया भी न गया,

Dil Par Jakham Kuch Yese Mile,
Fhulo Par Bhi Soya Na Gya,
Dil To Jal Kar Rakh Ho Gya,
Our Aakho Se Roya Bhi N Gya,


❤•••• Gulzar Shayari in Hindi ••••❤


कोई नहीं आऐगा मेरी जिंदगी में तुम्हारे में।
एक मैत ही हैं जिसका मै वादा नहीं करता।

Koei Nhi Aayega Meri Jandgi Me,
Tumhare Me,
Ek Muat Hi Hai Jinka Koei Wada Nhi Karta,


 


आँसू तेरी यादो की कैद में है,
तेरी याद आने से इन्हें जमानत मिल जाती हैं,

Aasu Teri Yado Ki Keaid Me Hai,
Teri Yad Aane Sw Eanhe Jamant Mil Jati Hai,


 


Gulzar Shayari in Hindi

अजब है तेरी दुआओ का दस्तूर भी मेरे मौला,
मुहब्बत भी उन्ही को मिलती हैं,
जिन्हें निभानी नहीं आती,

Ajab Hai Teri Duaao Ka Dastur Bhi Mere Muila,
Muhbbt Bhi Uanhi Ko Milti Hai,
Jinhe Nibhani Nhi Aati,


 


कौन कहता हैं हम झूठ नहीं बोलते,
एक बार ख़ैरियत तो पूछ के देखिए,

Kuain Kahta Hai Ham Jhuth Nhi Bolte,
Ek Bar Khuriyat To Puch Ke Dekhiye,


❣️Gulzar Shayari on Khamoshi🖤


कुछ बातें तो तब समझ आती हैं,
जब खुद पर ना गुजरे,

Kuch Bate To Tab Samjh Aati Hai,
Jab Khud Par Na Gujre,


❤•••• Gulzar Shayari in Hindi ••••❤


थोड़ा सा रफू कर के देखिऐ ना,
फिर से नयी सी लगेगी ज़िन्दगी ही तो है,

Thora Sa Rfu Kar Ke Dekhiye Na,
Fhir Se Nhi Si Lagegi Jiandgi Hi To Hai,


 


मैं वो क्यों बनू जो तुम्हें चाहिए,
तुम्हें वो कबूल क्यों नहीं जो मैं हूँ,

My Wo Kyo Banu Jo Tumhe Chahiye,
Tumhe Wo Kubul Kyo Nhi Jo My Hu,


 


कुछ अलग करना हो तो भीड़ से हट के चलिये,
भीड़ साहस तो देती हैं मगर पहचान छीन लेती है,

Kuch Alag Karna Ho To Bhir Se Hat Ke Chaliye
Bhir Sahs To Deti Hai Magar Pahchan,
Chin Leti Hai,


 


अच्छी किताबे और अच्छे लोग,
तुरंत समझ में नहीं आते उन्हें पढ़ना पड़ता हैं,
Achhi Kitabe Our Achhe Log,
Turant Samjh Nhi Aate Usnhe Pathna Parta Hai,


❤Gulzar Shayari in Hindi Lover💜


इतना क्यों सिखाई जा रही हो जिंदगी,
हमें कौन से सदिया गुजारी हैं यहाँ,

Eatna Kyo Sikhei Ja Rhi Ho Jiandgi,
Hme Kuian Se Sadiya Gujarni Hai Yha,


❤•••• Gulzar Shayari in Hindi ••••❤


किसने रास्ते में चाँद रखा था मुझे ठोकर लगी कैसे,
वक़्त पे पाव कम रखा मैने ज़िन्दगी मुंह के बल गिरी कैसे,
आँख तो भर आया पानी से तेरी तस्वीर जल गई कैसे,

Kisne Raste Me Chand Rkha Tha Mujhe,
Thokar Lagi Kaise,
Wakat Pe Paw Rkha Maine Jiandgi,
Muh Ke Bal Giri Kaise,
Aakh To Bhar Aaya Pani Se Teri,
Taswir Jal Gyi Kaise,


 


मेरे दिल में एक धड़कन तेरी हैं,
उस धड़कन कि कसम तू जिन्दगीं मेरी हैं,
मेरी तो हर सांस में एक सांस तेरी हैं,
जो कभी सांस रुक जाए तो मौत मेरी हैं,

Mere Dil Me Ek Dharkan Teri Hai,
Uas Dharkan Ki Kasam Tu Jiandgi Meri Hai,
Meri To Har Sas Me Ek Sas Teri Hai,
Jo Kabhi Sas Ruk Jaye To Muait Meri Hai,

 


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