Shayari On Maut And Zindagi

Shayari On Maut And Zindagi | Very Very Sad Death SMS | मौत की शायरी

Shayari On Maut And Zindagi – यह खास पोस्ट उन सभी दोस्तों के लिए हैं जिन्हें जीवन बोझ सा लगाने लगा हैं या अपनी मौत से डरते हैं या किसी बेवफा के प्यार में पल-पल घुट-घुट कर मर रहे हैं। दोस्तों जीवन का सबसे परम सत्य हैं मौत और हर एक इंसान को आनी ही एक ना एक दिन मौत से आज तक कोई नहीं बच सका हैं, इसलिए हमें मौत की वास्तविकता स्वीकारना चाहिए.

मौत सिर्फ एक शब्द नहीं यह एक गहरी हकीकत है जिसे हम सबको ना चाहते हुए भी अपनाना पड़ता है| यह एक ऐसा सच है जिसके बारे में हर इंसान सोचता है| उनके मन में बहुत से सवाल उतपन्न होते है पर वे उनका जवाब कभी नहीं ढून्ढ पाते| उनको उन सवालों का जवाब तभी मिलता है जब उन्हें मौत आती है|तो आईये अब देर कैसी पढ़ते

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Dost ki maut par Shayari


Shayari On Maut And Zindagi

आसमान को पड़े मुकाम मिल जाए,
खुदा को ये मेरा पैगाम मिल जाए,
थक गयी हैं धड़कने अब तो चलते चलते,
ठहरे सासें तो शायद आराम मिल जाए,

Aasman Ko Pre Mukam Mil Jaye,
Khuda Ko Ye Mera Paigam Mil Jaye,
Thak Gyi Hai Tharkan Ab To Chalte Chalte,
Thahre Sase To Sayad Aaram Mil Jaye,


•••••• Shayari On Maut And Zindagi ••••••


एक दिन जब हुआ इश्क़ का एहसास उन्हें,
वो हमारे पास आकर सारा दिन रोते रहे,
और हम भी इतना खुदगर्ज निकले यारो,
आँखें बंद कर के कफन में सोते रहे,

Ek Din Jab Huaa Ishq Ka Yehsas Usnhe,
Wo Hamare Pas Aakar Sara Din Rote Rhe,
Our Ham Bhi Eatna Khudgarj Nikle Yaro,
Aakhe Band Kar Ke Kafhan Me Sote Rhe,

 

मैत को तो कोन कभी देखा है,
पर यकीनन बहुत खूबसूरत होगी,
जिससे भी मिलता हैं वो जिना छोड़ देता है,

Maut Ko To Kon Kabhi Dekha Hai,
Par Ykinan Bahut Khubsurat Hogi,
Jisse Bhi Milta Hai Wo Jina Chor Deta Hai,

 

अगर दुनिया में जिने कि चाहत ना होती,
तो खुदा ने मोहब्बत बनाई ना होती,
लोग मरने कि आरजू ना करते,
अगर मोहब्बत में बेवफ़ाई ना होती,

Agar Duniya Me Jine Ki Chahat Na Hoti,
To Khuda Ne Mohbbat Banaei Na Hoti,
Log Marne Ki Aarju Na Karte,
Agar Mohbat Me Webfhaei Na Hoti,




मैत मागते हैं तो ज़िन्दगी खफा हो जाती हैं,
जहर लेते हैं तो वो भी दवा हो जाती हैं,
तू बता ऐ ज़िन्दगी तेरा क्या करू,
जिसको भी चाहा वो बेवफा हो जाती हैं,

Maut Magte Hai To Jiandgi Khafha Ho Jati Hai,
Jahar Lete Hai To Wo Dwa Ho Jati Hai,
Tu Bta Ye Jiandgi Tera Kya Kru,
Jisko Bhi Chaha Wo Bewfha Ho Jati Hai,


Shayari on maut and zindagi in urdu


चैन तो छिन चुका है अब बस जान बाकी है,
अभी मोहब्बत में मेरा इम्तहान बाकी है,
मिल जाना वक़्त पर ऐ मैत के फरिश्ते,
किसी का गिला किसी का फरमान बाकी है,

Chain To Chin Chuka Hai Ab Bas Jan Baki Hai,
Abhi Mohbbat Me Mera Eamthan Baki Hai,
Mil Jana Wakt Par Ye Maut Ke Fhariste,
Kisi Ka Gila Kisi Ka Fharman Baki Hai,


•••••• Shayari On Maut And Zindagi ••••••


मिटटी मेरी कब्र से उठा रहा हैं कोई,
मरने के बाद भी याद आ रहा है कोई,
ऐ खुदा कुछ पल कि मोहलत और दे दे,
उदास मेरी कब्र से जा रह हैं कोई,

Mitti Meri Kabr Se Utha Rha Hai Koei,
Marne Ke Bad Bhi Yad Aa Rha Hai Koei,
Ye Khuda Kuch Pal Ki Mohlat Our De De,
Udas Meri Kabr Se Ja Rha Hai Koei,


Meri Maut Ke Baad Shayari


हर काम किया मैने उसकि खुशी के लिए,
जाने तब भी क्यों बेवफ़ा कहलाता हूँ,
मैत से पहले उसकी दीदार कि ख़्वाहिश हैं मेरी,
बस इस लिए ज़िन्दगी का साथ निभाता हूँ,

Har Kam Kiya Maine Uski Khusi Ke Liye,
Jane Tab Bhi Kyo Bewfha Kahlata Hu,
Maut Se Pahle Uski Didar Ki Khawahis Hai Meri,
Bas Eas Liye Jiandgi Ka Sath Nibhata Hu,




पता नहीं पैसे के पीछे क्यों इतना भागते हैं,
उन्हें पता नहीं मैत भी अपने ज़िन्दगी के पीछे,
उसी तरह भागती हैं,

Pta Nhi Paise Ke Piche Kyo Eatna Bhagte Hai,
Uanhe Pta Nhi Maut Bhi Apne Jiandgi,
Ke Piche Usi Tarah Bhagti Hai,

 

मोहब्बत और मैत दोनों बिन बुलाये मेहमान होते हैं,
कब आ जाए कोई नहीं जानता लेकिन दोनों का,
एक ही काम हैं एक को दिल चाहिए दूसरी को धड़कन,

Mohbbat Our Maut Dono Bin Bulaye,
Mehman Hote Hai,
Kab Aa Jaye Koei Nhi Janta Lekin Dono Ka,
Ek Hi Kam Hai Ek Ko Dil Chahiye,
Dusri Ko Dharkan,


Maut Shayari Pic


अब मैत से कह दो कि नाराजगी खत्म करले,
वो बदल गया है जिसके लिए हम ज़िन्दा थे,

Ab Maut Se Kah Do Ki Narajgi Khatm Karle,
Wo Badal Gya Hai Jiske Liye Ham Jianda The,


•••••• Shayari On Maut And Zindagi ••••••



Shayari On Maut And Zindagi

दिल तो हर पल टुटा हैं पर हम नहीं,
मौत मुझे ले गयी मेरे प्यार को नहीं,

Dil To Har Pal Tuta Hai Par Ham Nhi,
Maut Mujhe Le Gyi Mere Payar Ko Nhi,

 

आता है कौन कौन तेरे गम को बांटने,
ग़ालिब तो अपनी मैत का अफवाह उड़ा कर देख,

Aata Hai Koein Koein Tere Gam Ko Batne,
Galib To Apni Maut Ka Afhwah Ura Kar Dekh,

 

वो धुंद रहे थे हमे शायद उन्हें हमारी तालाश थी,
पर जहाँ वो खड़े थे वही दफन हमारी लाश थी,

Wo Dhud Rhe The Hame Sayad Uanhe,
Hamari Talas Thi,
Par Jaha Wo Khre The Wahi Dafhan,
Hamari Las Thi,

 

ज़िन्दगी जख्मो से भरी हैं।
वक्त को मलहम बनाना सीख लो।
हारना तो मौत के सामने हैं।
ज़िन्दगी से तो जितना सीख लो।

Jiandgi Jakhmo Se Bhari Hai,
Wakt Ko Mlham Banana Sikh Lo,
Harna To Muat Ke Samne Hai,
Jiandgi Se To Jitna Sikh Lo,



तसव्वर मे ना जाने कातिबे तकदीर क्या था,
मेरा अंजाम लिखा है मेरे आगाज से पहले,

Taswawr Me Na Jane Katibe Takdir Kya Tha,
Mera Anjam Likha Hai Mere Aagaj Se Pahle,


Meri Maut Ke Baad Shayari


मौत ही ज़िन्दगी से तब बेहतर लगती हैं,
दिल में किसी कि यादो कि जब चिंगारी सुलगती है,

Maut Hi Jiandgi Se Tab Behtar Lagti Hai,
Dil Me Kisi Ki Yado Ki Jab,
Chingari Sulagti Hai,


•••••• Shayari On Maut And Zindagi ••••••


कुछ खास फर्क नहीं पड़ता,
जिने का अंदाज बदल लेने से,
बस फासले मौत तक ज़िन्दगी के,
कुछ मजेदार सी हो जाते हैं,

Kuch Khas Fhark Nhi Parta,
Jine Ka Andaj Badal Lene Se,
Bas Fhasle Maut Tak Jiandgi Ke,
Kuch Majedar Si Ho Jate Hai,

 

उस पल ही मौत से मुलाकात होगी,
जिस पल ज़िन्दगी के आखरी रात होगी,
तेरे अपने ही जला कर जाएंगे तुम्हें,
तेरी अहमियत बस खास होगी,

Uas Pal Hi Maut Se Mulakat Hogi,
Jis Pal Jiandgi Ke Aakhri Rat Hogi,
Tere Apne Hi Jla Kar Jayege Tumhe,
Teri Ahmiyat Bas Khas Hogi,

 

ज़िन्दगी के बाद सबको बस मौत ने अपनाया है,
फिर भी बेवजह सारी ज़िन्दगी हर पल हमे डराया हैं,

Jiandgi Ke Bad Sabko Bas Maut Ne Apnaya Hai,
Fhir Bhi Bewjah Sari Jianadgi Har,
Pal Hame Daraya Hai,




उसे मौत ने नहीं उसकी सोच ने ही मारा हैं,
जो इंसान अपनी ज़िन्दगी से हारा हैं,

Use Maut Ne Nhi Uaski Soch Ne Hi Mara Hai,
Jo Eansan Apni Jiandgi Se Hara Hai,


 


Shayari On Maut And Zindagi

इतना दर्द तो मैत भी नहीं देती।
जितनी दर्द तेरी खामोशी दे रही हैं।

Eatna Dard To Mut Bhi Nhi Deti,
Jitna Dard Teri Khamosi De Rhi Hai,


Maut Ki Dua Shayari in Hindi


साथ छोड़ने वालो को एक बहाना चाहिए।
वरना निभाने वाले तो मैत के दरवाजे तक।
नहीं छोड़ते।

Sath Chorne Walo Ko Ek Bahana Chahiye,
Warna Nibhane Wale To Muiat Ke Daewaje,
Tak Nhi Chorte,


•••••• Shayari On Maut And Zindagi ••••••


ऐ मैत जरा पहले आना गरीब के घर।
कफन का खर्च दवाओं में निकल जाता हैं।

Ye Muait Jra Pahle Aana Garib Ke Ghar,
Kafhan Ka Kharcha Dawaoo Me Nikal Jata Hai,




कोई नहीं आऐगा मेरी जिंदगी में तुम्हारे में।
एक मैत ही हैं जिसका मै वादा नहीं करता।

Koei Nhi Aayega Meri Jandgi Me,
Tumhare Me,
Ek Muat Hi Hai Jinka Koei Wada Nhi Karta,


 


कभी करते हैं जिंदगी की तमन्ना।
तो कभी मैत का इंतज़ार करते हैं।
वो हमसे कयू दूर हैं पता नहीं।
जिन्हें हम जिंदगी से भी ज्यादा प्यार करते हैं।

Kabhi Kartr Hai Jiandgi Ki Tamnna,
To Kabhi Muat Ka Eantjar Karte Hai,
Wo Hamse Kyu Dur Hai Pata Nhi,
Jinhe Ham Jiandgi Se Bhi Jayada
Payar Karte Hai,


 


कितना और दर्द देगा बस इतना बता दे,
ऐसा कर ये खुदा मेरी हस्ती मिटा दे,
यु घुट घुट के जिने से तो मौत बेहतर है,
मैं कभी ना जागू मुझे ऐसी नींद सुला दो,

Kitna Our Dard Dega Bas Eatna Bta De,
Yesa Kar Ye Khuda .eri Hasti Mita De,
Yu Ghut Ghut Ke Jine Se To Muit Ehtar Hai,
My Kabhi Na Jagu Mujhe Yesi Nind Sula Do,


Maut Ka intezar Shayari


अब तो हम दर्द से खेलना सिख गये हैं।
अब तो हम वेबफाई के साथ जिना सीख गई हैं।
क्या बताये यारो की कितना दिल टूटा हैं हमारा।
अब तो हम मौत से पहले क़फ़न ओढ़ कर सोना सीख गई हैं।

Ab To Ham Dard Se Khelna Sikha Gye Hai,
Ab To Ham Webfhaei Ke Sath
Jina Sikha Gye Hai,
Kya Bataye Yaro Ki Kitna Dil Tuta Hai Hamara,
Ab To Ham Muat Se Pahle Kafhan Oth Kar Sona Sikha Gye Hai,


•••••• Shayari On Maut And Zindagi ••••••


जब मेरा जनाजा इस जमाने से निकला,
मेरे जनाजे को देखने सारा जमाना निकला,
मगर मेरे जनाजे में वो ना निकले,
जिस के लिए मै जनाजा़ बन कर निकला,

Jab Mera Janaja Eas Jamane Se Nikla,
Mere Janaje Ko Dekhne Sara Jamana Nikla,
Magar Mere Janaje Me Wo Na Nikle,
Jis Ke Liye My Janaja Ban Kar Nikla,



ज़िन्दगी का बस एक ही दस्तूर होता हैं,
जब तक रहती हैं इसे खुद पर ग़ुरूर होता हैं,
बित जाती हैं उम्र जब बुढ़ापे तलक,
मौत के साथ ही हर सपना चुर होता हैं,

Jiandgi Ka Bas Ek Hi Dastur Hota Hai,
Jab Tak Rahti Hai Ese Khud Par Girur Hota Hai
Bit Jati Hai Uamr Jab Bidape Talak,
Maut Ke Sath Hi Har Sapna Chur Hota Hai,


 

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